भारत के 33वें सबसे अमीर कारोबारी परिवारों में शामिल मुरुगप्पा फैमिली में बड़े स्तर पर पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 126 साल पुराने Murugappa Group में पांचवीं पीढ़ी के बीच विरासत और कारोबारी हिस्सेदारी को लेकर सहमति बन चुकी है। करीब दो साल चली बातचीत के बाद अब समूह की विभिन्न कंपनियों में हिस्सेदारी का औपचारिक बंटवारा किया जा रहा है।
इस पुनर्गठन के तहत वेल्लयन सुब्बैया समूह की प्रमुख वित्तीय कंपनी Cholamandalam Investment and Finance Company से बाहर निकल रहे हैं और अपनी पकड़ औद्योगिक कंपनियों में मजबूत कर रहे हैं। वे विशेष रूप से Tube Investments of India और CG Power and Industrial Solutions में अपनी भूमिका और हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
मुरुगप्पा समूह की स्थापना वर्ष 1900 में हुई थी और यह ऑटो कंपोनेंट्स, फाइनेंस, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग और औद्योगिक समाधान जैसे विविध क्षेत्रों में सक्रिय है। परिवार की पांचवीं पीढ़ी अब कारोबार को स्वतंत्र रूप से संचालित करने के मॉडल की ओर बढ़ रही है, ताकि निर्णय प्रक्रिया तेज हो और भविष्य की रणनीतियां स्पष्ट रूप से तय की जा सकें।
सूत्रों के मुताबिक, यह बंटवारा आपसी सहमति से किया जा रहा है और इसका उद्देश्य कारोबार को अधिक पेशेवर और प्रतिस्पर्धी बनाना है। विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से समूह की कंपनियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
126 साल पुरानी विरासत के साथ मुरुगप्पा परिवार भारतीय उद्योग जगत में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। अब पांचवीं पीढ़ी के नेतृत्व में समूह एक नए अध्याय की ओर बढ़ रहा है, जहां पारिवारिक विरासत और आधुनिक कॉरपोरेट संरचना के बीच संतुलन स्थापित करने की कोशिश की जा रही है।
