होली पर्व नजदीक आते ही दिल्ली, मुंबई जैसे महानगरों से बिहार लौटने वाले यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। खासकर समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाकों में जाने वाली ट्रेनों में फरवरी के अंतिम सप्ताह से लेकर मार्च की शुरुआत तक भारी भीड़ देखी जा रही है। स्थिति यह है कि अधिकतर प्रमुख ट्रेनों में स्लीपर क्लास पूरी तरह फुल हो चुकी है और ‘नो रूम’ की स्थिति बन गई है, जबकि एसी कोचों में भी लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है।
अवध असम एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस समेत कई लोकप्रिय ट्रेनों में कन्फर्म टिकट मिलना लगभग असंभव हो गया है। लंबे समय से बाहर काम कर रहे लोग होली से पहले घर लौटना चाहते हैं, लेकिन टिकट न मिलने के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई यात्री मजबूरी में तत्काल टिकट की कोशिश कर रहे हैं, तो कुछ लोग बस या निजी साधनों का विकल्प तलाशने को मजबूर हैं।
यात्रियों का कहना है कि त्योहार के समय अतिरिक्त ट्रेनों की संख्या कम होने से समस्या और बढ़ गई है। वहीं रेलवे की ओर से अभी तक पर्याप्त विशेष ट्रेनों की घोषणा न होने से यात्रियों की चिंता बढ़ती जा रही है। अगर जल्द ही अतिरिक्त ट्रेनें या कोच नहीं लगाए गए, तो होली से पहले घर पहुंचना हजारों लोगों के लिए मुश्किल बना रहेगा।
