विराट हिंदू सम्मेलन में चंपत राय का आह्वान, बोले— जाति-पांति छोड़ें हिंदू, तभी समाज का भला संभव!

अयोध्या में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने हिंदू समाज से जाति-पांति की संकीर्णता छोड़कर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब तक समाज जातिगत भेदभाव में उलझा रहेगा, तब तक देश और समाज का समुचित विकास संभव नहीं है। हिंदुओं को एकजुट होकर राष्ट्र की समृद्धि और सामाजिक समरसता के लिए कार्य करना होगा।

चंपत राय ने अपने संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ पिछले 100 वर्षों से राष्ट्र को सशक्त, संगठित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संघ का उद्देश्य किसी वर्ग विशेष का नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का उत्थान है।

सम्मेलन में लक्ष्मण किलाधीश ने भी विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अयोध्या में निर्मित श्रीराम मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि हिंदू एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर ने पूरे हिंदू समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया है और आने वाली पीढ़ियों के लिए यह एक प्रेरणास्रोत बनेगा।

विराट हिंदू सम्मेलन में बड़ी संख्या में साधु-संत, धर्माचार्य और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने सामाजिक एकता, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। सम्मेलन का समापन हिंदू समाज को संगठित और सशक्त बनाने के संकल्प के साथ किया गया।

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