उत्तर प्रदेश सरकार ने विधानमंडल में आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन की मजबूत भूमिका को रेखांकित किया है। सर्वेक्षण में बताया गया कि कृषि क्षेत्र अब यूपी की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है और किसानों की स्थिति में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। ‘विकसित उत्तर प्रदेश 2047’ के विजन के तहत सरकार का लक्ष्य किसानों को खुशहाल बनाना और कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, प्रदेश ने कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। सरकार किसानों की आय को तीन गुना करने की दिशा में काम कर रही है, जिसके लिए आधुनिक खेती, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाओं और तकनीकी नवाचारों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश को सीड पार्क और फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में विकसित करने की योजना भी सर्वेक्षण में सामने रखी गई है।
सर्वेक्षण में यह भी उल्लेख किया गया कि कृषि अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी तेजी से बढ़ी है और वे खेती से लेकर पशुपालन और मत्स्य पालन तक महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। सरकार का मानना है कि महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास से प्रदेश की समग्र आर्थिक वृद्धि को मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, आर्थिक सर्वेक्षण में प्रस्तुत आंकड़े यह संकेत देते हैं कि यदि मौजूदा नीतियों और योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में कृषि आधारित समृद्ध अर्थव्यवस्था की मिसाल बन सकता है।
