वाराणसी में सुप्रीम कोर्ट द्वारा यूजीसी के नए समता विनियमन (UGC Equity Regulations) पर रोक लगाने के बाद जिला मुख्यालय पर खुशी और उत्सव का माहौल देखने को मिला। सवर्ण समुदाय के लोगों ने इस अवसर पर हनुमान चालीसा का पाठ किया, हवन आयोजित किया और होली खेलकर जश्न मनाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक यह नियम पूरी तरह से वापस नहीं लिया जाता, उनका विरोध और संघर्ष जारी रहेगा।
वहीं, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में कुछ छात्र यूजीसी के नए नियमों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चला रहे थे, जिसे पुलिस ने रोकते हुए हटाया। इस घटना ने वाराणसी में सामाजिक और राजनीतिक गतिशीलता को फिर से उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला शिक्षा नीतियों, सामाजिक समीकरण और समुदाय आधारित राजनीतिक प्रतिक्रिया के बीच टकराव को सामने लाता है।
इस जश्न और विरोध के बीच यह स्पष्ट हो गया है कि यूजीसी नियमों को लेकर विभिन्न समुदायों में मतभेद और तनाव हैं, और सुप्रीम कोर्ट की रोक ने फिलहाल सवर्ण समाज के लिए राहत की भावना पैदा की है।
