देश की सुरक्षा को लेकर भारतीय सेना ने लद्दाख और पश्चिमी कमान में अपनी ऑपरेशनल तैयारियों को और तेज कर दिया है। सर्दियों के कठिन मौसम में भी युद्धक क्षमता को बनाए रखने और किसी भी चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों द्वारा लगातार फील्ड दौरों और समीक्षा बैठकों का सिलसिला जारी है।
लद्दाख में लेफ्टिनेंट जनरल हितेश भल्ला ने फायर एंड फ्यूरी कोर के अग्रिम इलाकों का दौरा कर सैनिकों की तैनाती, हथियार प्रणालियों और समग्र युद्धक तैयारियों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जवानों की पेशेवर क्षमता, कठिन परिस्थितियों में उनकी तत्परता और उच्च मनोबल की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों और सैनिकों को नई और अत्याधुनिक तकनीकों के अधिकतम व प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए, ताकि किसी भी संभावित खतरे का तुरंत और निर्णायक जवाब दिया जा सके।
वहीं पश्चिमी कमान में लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने जम्मू-कश्मीर के कठुआ क्षेत्र का दौरा कर सुरक्षा हालात का जायजा लिया। उन्होंने सीमा सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद विरोधी अभियानों की समीक्षा की। इस दौरान स्थानीय कमांडरों को निर्देश दिए गए कि वे खुफिया तंत्र को और मजबूत करें तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में चौकसी बढ़ाए रखें।
सेना के शीर्ष अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि देश की सीमाओं पर किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी इकाइयों को हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रहने, आपसी समन्वय बढ़ाने और ऑपरेशनल सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इन दौरों और निर्देशों से यह साफ संकेत मिलता है कि भारतीय सेना हर मोर्चे पर पूरी तरह मुस्तैद है और देश की संप्रभुता व अखंडता की रक्षा के लिए किसी भी चुनौती का सख्ती से जवाब देने को तैयार है।
