दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-32 में खुले मैनहोल ने एक मजदूर की जान ले ली। मृतक की पहचान बिरजू के रूप में हुई है, जो घटना के समय मोबाइल पर बात करते हुए जा रहा था। बताया जा रहा है कि इलाके में अंधेरा था और कई स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी थीं। इसी दौरान वह 20 फीट गहरे, पानी से भरे मैनहोल में गिर गया। आसपास मौजूद लोगों को जब तक हादसे का अंदेशा हुआ, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बिरजू का शव बरामद किया गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष है। उनका कहना है कि क्षेत्र में कई मैनहोल लंबे समय से खुले पड़े थे, लेकिन संबंधित विभाग ने उन्हें ढकने या चेतावनी संकेत लगाने की जहमत नहीं उठाई।
पुलिस ने इस मामले में लापरवाही से मौत का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्ट्रीट लाइटें खराब होने और मैनहोल खुले होने के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और क्षेत्र में तत्काल सुधार की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
