बठिंडा में ऑनलाइन गेमिंग एप्स के माध्यम से सट्टा खेला जा रहा है, जिसमें नाबालिग और व्यापारी दोनों ही बड़े पैमाने पर निशाने पर बनाए जा रहे हैं। स्थानीय सूत्रों और पीड़ितों के अनुसार, एक संगठित गिरोह इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए अवैध सट्टा चला रहा है और लोगों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुँचाने में सक्रिय है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पीड़ितों ने पुलिस और ईडी पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। शिकायतें डीजीपी और गृह मंत्री तक भी भेजी गई हैं, लेकिन अब तक संतोषजनक कदम नहीं उठाए गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि अशोक कुमार के बेटे ने इस सट्टे में 3 लाख रुपये और दीपक कुमार ने 1.5 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाया है।
पीड़ितों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से हस्तक्षेप करने और संगठित गिरोह के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि गिरोह की संपत्तियों को जब्त कर, उनके पैसे वापस दिलाए जाएं। यह मामला न केवल अवैध सट्टे और ऑनलाइन गेमिंग की चुनौतियों को उजागर करता है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि नाबालिगों और आम लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रशासनिक कदम उठाना कितना जरूरी है।
