न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत के साथ हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को ऐतिहासिक समझौता करार दिया है। यह समझौता 22 दिसंबर 2025 को दोनों देशों के बीच हुआ और इसके तहत व्यापार को बढ़ावा देने के साथ-साथ नौकरियों, आय और निर्यात में वृद्धि की उम्मीद जताई गई है।
प्रधानमंत्री लक्सन के अनुसार, इस FTA से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे और भारतीय निर्यातकों के लिए 100% टैरिफ समाप्ति जैसी बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते से न केवल व्यापार बढ़ेगा, बल्कि दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी में भी नई मजबूती आएगी।
हालांकि, न्यूजीलैंड के विदेश मंत्री ने इस समझौते की आलोचना की थी, खासकर डेयरी उत्पादों पर टैरिफ कम न होने को लेकर। लेकिन प्रधानमंत्री लक्सन ने स्पष्ट किया कि यह FTA अब तक की सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक पहल है और इससे दोनों देशों को लंबी अवधि में फायदा होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे, जबकि न्यूजीलैंड की कंपनियों को भी भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। इस डील को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में मील का पत्थर माना जा रहा है।
यह FTA वैश्विक व्यापार पर भी सकारात्मक असर डाल सकता है, क्योंकि यह दर्शाता है कि बड़ी अर्थव्यवस्थाएं आपसी सहयोग और साझेदारी से लाभ उठा सकती हैं, जबकि अपने राष्ट्रीय हितों को भी ध्यान में रखती हैं।
