दिल्ली हाई कोर्ट ने पुलिस स्टेशनों में हिरासत में रखे गए लोगों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर गंभीर कदम उठाया है। याचिका में आरोप लगाया गया कि कई पुलिस स्टेशनों में कैदियों को पर्याप्त भोजन, पानी और सैनिटेशन जैसी आवश्यक सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की बेंच ने इस याचिका पर दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है और जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने मामले की सुनवाई अस्थायी रूप से स्थगित कर दी है, लेकिन यह स्पष्ट किया कि यह मुद्दा मानवाधिकार और बुनियादी जरूरतों से जुड़ा है।
इस कदम से यह संदेश गया है कि हिरासत में रखे गए लोगों के मानवाधिकारों और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। अदालत ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे आवश्यक सुविधाओं की सुनिश्चितता के लिए उचित कार्रवाई करें।
यह मामला पुलिस स्टेशनों में सुधार और कैदियों के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक माहौल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
