हाल ही में दिल्ली में करीब 800 लड़कियों के लापता होने की खबरें मीडिया में सुर्खियों में रही हैं। इसी बीच सोशल मीडिया और कुछ खबरों में दावा किया गया कि यह मिसिंग लड़कियों का डाटा फिल्म ‘मर्दानी 3 (Mardaani 3)’ के प्रमोशन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस दावे ने फिल्म और उसके निर्माताओं के खिलाफ विवाद खड़ा कर दिया।
अब प्रोड्यूसरों ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और स्पष्ट किया है कि फिल्म का प्रमोशन किसी भी तरह से लापता लड़कियों के मामलों से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्म केवल सामाजिक संदेश और अपराध के खिलाफ जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बनाई गई है और इसका प्रचार किसी व्यक्तिगत या संवेदनशील डेटा का उपयोग करके नहीं किया गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे झूठे दावे और अफवाहें न केवल फिल्म के प्रचार को प्रभावित कर सकती हैं, बल्कि समाज में सेंसिटिव मुद्दों पर भ्रम और भय भी पैदा करती हैं। मेकर्स ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की अनसत्य खबरों पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें।
कुल मिलाकर, प्रोड्यूसरों के बयान ने यह स्पष्ट किया है कि ‘मर्दानी 3’ का उद्देश्य अपराध और महिला सुरक्षा पर जागरूकता बढ़ाना है, न कि किसी संवेदनशील डेटा का इस्तेमाल करना।
