भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा भारतीय मुद्रा की खरीद-फरोख्त को पूरी तरह अवैध घोषित किए जाने के बावजूद गोरखपुर में छोटे नोटों का अवैध कारोबार खुलेआम जारी है। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि नोटों की अवैध खरीद-बिक्री रोकने की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय पुलिस प्रशासन की है। इस संबंध में एक अग्रणी बैंक के प्रबंधक द्वारा मार्गदर्शन मांगे जाने पर आरबीआई ने RBI अधिनियम के तहत इसे दंडनीय अपराध बताया था। इसके बावजूद गोरखपुर के बैंक रोड क्षेत्र में छोटे नोटों की जमकर कालाबाजारी हो रही है, जहां आम लोगों से तय मूल्य से कहीं अधिक रकम वसूली जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इतने खुले तौर पर हो रहे अवैध कारोबार पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमों के अनुसार यह गंभीर अपराध है, लेकिन कार्रवाई के अभाव में यह कारोबार लगातार फल-फूल रहा है, जिससे कानून व्यवस्था और प्रशासनिक सख्ती पर भी सवाल उठने लगे हैं।
गोरखपुर में खुलेआम छोटे नोटों की अवैध खरीद-फरोख्त, कार्रवाई न होने पर पुलिस की भूमिका सवालों में!
