क्यों ओमान में नहीं दिखतीं दुबई जैसी ऊंची इमारतें? वजह जानकर आप भी करेंगे तारीफ
जब भी गल्फ देशों (Gulf Countries) का नाम लिया जाता है, तो सबसे पहले दिमाग में दुबई, अबू धाबी या कतर की गगनचुंबी इमारतें घूमने लगती हैं। आसमान को छूती बिल्डिंग्स, लग्जरी होटल्स और आधुनिकता की चमक—यही इन देशों की पहचान बन चुकी है। लेकिन इसी खाड़ी क्षेत्र में एक ऐसा देश भी है, जिसने इस ऊंचाई की होड़ से खुद को दूर रखा है। यह देश है ओमान (Oman)।
आधुनिकता के बावजूद सादगी का चुनाव
ओमान भी एक विकसित और समृद्ध देश है। यहां तेल, गैस, पर्यटन और व्यापार से अच्छी आमदनी होती है, लेकिन फिर भी यहां दुबई जैसी ऊंची इमारतें नजर नहीं आतीं। इसकी वजह पैसे या तकनीक की कमी नहीं, बल्कि सरकार की सोच और सांस्कृतिक प्राथमिकताएं हैं।
सख्त बिल्डिंग नियम
ओमान सरकार ने राजधानी मस्कट (Muscat) समेत कई शहरों में यह नियम बनाया है कि:
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इमारतें एक तय ऊंचाई से ज्यादा नहीं होंगी
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ज्यादातर बिल्डिंग्स 5 से 7 मंजिल से ऊंची नहीं बनाई जातीं
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पहाड़ों, समुद्र और प्राकृतिक नज़ारों को ढकने की अनुमति नहीं है
सरकार का मानना है कि शहर की खूबसूरती सिर्फ ऊंचाई से नहीं, संतुलन से आती है।
संस्कृति और पहचान की रक्षा
ओमान अपनी हजारों साल पुरानी संस्कृति, इस्लामिक वास्तुकला और पारंपरिक पहचान को बचाकर रखना चाहता है। यहां की इमारतों में:
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सफेद और हल्के रंगों का इस्तेमाल
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अरबी और इस्लामिक डिज़ाइन
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किले, मस्जिद और पुराने बाजारों का संरक्षण
देखने को मिलता है। सरकार नहीं चाहती कि कांच और स्टील की ऊंची इमारतें देश की ऐतिहासिक पहचान को दबा दें।
प्राकृतिक सौंदर्य को प्राथमिकता
ओमान पहाड़ों, रेगिस्तान, समुद्र तट और वादियों के लिए जाना जाता है। ऊंची इमारतें:
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प्राकृतिक दृश्य बिगाड़ सकती हैं
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पर्यावरण पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं
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शहरों को भीड़भाड़ वाला बना सकती हैं
इसीलिए ओमान ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट यानी टिकाऊ विकास का रास्ता चुना है।
सुल्तान क़ाबूस की सोच
ओमान के पूर्व शासक सुल्तान क़ाबूस बिन सईद का मानना था कि विकास ऐसा हो जो देश की आत्मा को न खोए। उनकी नीति थी:
“आधुनिक बनो, लेकिन अपनी जड़ों को मत भूलो।”
आज भी ओमान उसी सोच पर आगे बढ़ रहा है।
दुनिया क्यों करती है ओमान की तारीफ?
आज जब कई देश ऊंची इमारतों की होड़ में शामिल हैं, ओमान को इसलिए सराहा जाता है क्योंकि:
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यहां शहर शांत और संतुलित हैं
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ट्रैफिक और भीड़ कम है
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जीवन की रफ्तार सुकून भरी है
यही वजह है कि पर्यटक ओमान को दुबई के शोर-शराबे से अलग एक शांत विकल्प मानते हैं।
निष्कर्ष
ओमान ने साबित कर दिया है कि विकास का मतलब सिर्फ ऊंची इमारतें नहीं होता। अपनी संस्कृति, प्रकृति और पहचान को बचाकर भी एक देश आधुनिक और खुशहाल बन सकता है। शायद यही वजह है कि ओमान को देखकर लोग कहते हैं—
“यहां ऊंचाई नहीं, समझदारी नजर आती है।”
