कन्हैया गुलाटी ठगी कांड देशभर में सनसनी फैला रहा है। इस महाठग पर 800 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का आरोप है, और अब तक उसके खिलाफ कुल 41 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनमें से 21 मुकदमे केवल पिछले दो महीनों में बरेली में ही दर्ज किए गए हैं।
गुलाटी ने निवेश के नाम पर लोगों को फंसाकर करोड़ों रुपये हड़प लिए, जिससे कई निवेशक भारी नुकसान में आ गए। वह वर्तमान में फरार है और पुलिस उसे पकड़ने में असफल रही है। हालाँकि जांच के लिए एसआईटी भी गठित की गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है।
विशेषज्ञों और कानूनी जानकारों के अनुसार, इस मामले में ठगी की साजिश बड़ी योजनाबद्ध और जटिल रही है, और यह निवेशकों को सतर्क रहने की चेतावनी भी है। यह कांड न केवल आर्थिक नुकसान की कहानी है, बल्कि पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल भी खड़े करता है।
कन्हैया गुलाटी की गतिविधियों, पुलिस की नाकामयाबी और जांच की स्थिति की यह पूरी कहानी अब मीडिया और जनता के लिए चिंता और चर्चा का विषय बन गई है।
