उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में रिश्वतखोरी के एक गंभीर मामले में शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। वेतन बहाली आदेश जारी करने के बदले रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किए गए एआरपी (अकादमिक रिसोर्स पर्सन) सुशील कुमार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) दिव्या गुप्ता ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम द्वारा की गई गिरफ्तारी के बाद की गई। टीम ने कलान क्षेत्र में एआरपी सुशील कुमार को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया और उच्च अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया।
बीएसए दिव्या गुप्ता ने बताया कि इस प्रकरण में कलान के बीईओ (खंड शिक्षा अधिकारी) सतीश कुमार मिश्रा की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। जांच पूरी होने के बाद बीईओ पर भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला कार्यालय से संबद्ध अजय कुमार को कलान बीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। इससे क्षेत्र में शैक्षणिक कार्य और प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के मुद्दे को उजागर कर दिया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
