कश्मीर विश्वविद्यालय के फारसी विभाग को मिला ज्ञान भारतम क्लस्टर सेंटर का दर्जा!

कश्मीर विश्वविद्यालय के फारसी विभाग को एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्र सरकार की पहल के तहत इस विभाग को ज्ञान भारतम क्लस्टर सेंटर का दर्जा प्रदान किया गया है। इसके साथ ही विभाग को जम्मू-कश्मीर में मौजूद दुर्लभ और ऐतिहासिक पांडुलिपियों की पहचान, सूचीकरण, संरक्षण और डिजिटलीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह परियोजना अगले पांच वर्षों तक संचालित की जाएगी और इसका उद्देश्य देश की अमूल्य बौद्धिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना है।

इस पहल से न केवल कश्मीर विश्वविद्यालय की शोध और अकादमिक भूमिका मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्र में पांडुलिपि अध्ययन और संरक्षण के क्षेत्र में एक सशक्त ढांचा भी विकसित होगा। विशेष रूप से उन पांडुलिपियों के लिए यह योजना बेहद अहम मानी जा रही है, जो 2014 की भीषण बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इनके संरक्षण और डिजिटल रूप में उपलब्धता से शोधकर्ताओं, इतिहासकारों और विद्यार्थियों को व्यापक लाभ मिलेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, ज्ञान भारतम क्लस्टर सेंटर बनने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहयोग और शोध के नए अवसर खुलेंगे। साथ ही, फारसी भाषा और साहित्य से जुड़ी समृद्ध परंपरा को संरक्षित करने की दिशा में यह कदम जम्मू-कश्मीर के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।

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