क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ ने आम जनजीवन को पूरी तरह तबाह कर दिया है। जिस गांव की सुरक्षा और घटनाओं को लेकर भरत का एनकाउंटर चर्चा में रहा था, वही गांव आज कुदरत के कहर के आगे लाचार खड़ा है। गांव में चारों तरफ कई फीट तक पानी भर चुका है और कम से कम 70 मकान पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं।
चारों तरफ फैला पानी, जीवन संकट में
गांव में पानी का स्तर इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को अपना सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। कच्चे और पक्के मकान पानी में डूब चुके हैं। छतों और ऊंचे स्थानों पर शरण लिए लोग किसी तरह अपनी और अपने परिवार की जान बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं। पीने के साफ पानी और खाने की चीजों की भारी किल्लत पैदा हो गई है।https://youtube.com/@satyabharattimes?si=fdtViJulT9LiXxmf
मां की दर्दनाक दास्तान: ‘हाथ-पैर बांधकर सुलाती हूं’
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान बाढ़ की त्रासदी का सबसे खौफनाक और दिल दहला देने वाला पहलू तब सामने आया, जब एक स्थानीय महिला ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। महिला ने बताया कि घर के अंदर और चारों तरफ गहरा पानी भरा हुआ है। रात में सोते समय डर रहता है कि बच्चे कहीं नींद में लुढ़ककर पानी में न गिर जाएं। इसी खौफ की वजह से वह अपने बच्चों के हाथ और पैर कपड़े से बांधकर सुलाने को मजबूर है।
प्रशासन से राहत और बचाव कार्य की गुहार
गांव की इस भयावह स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से तुरंत नाव, एनडीआरएफ/एसडीआरएफ की टीमें और भोजन सामग्री भेजने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते राहत सामग्री नहीं पहुंची, तो बीमारियों और भूख से स्थिति और भी बदतर हो सकती है।https://youtube.com/@satyabharattimes?si=fdtViJulT9LiXxmf










