केंद्रीय बजट 2026 से ठीक पहले शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुक्रवार को कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 600 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25,300 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। इस गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में करीब 4 लाख करोड़ रुपये की भारी कमी दर्ज की गई।
बाजार में यह कमजोरी ऐसे समय आई है जब देशभर की नजरें 1 फरवरी, रविवार को पेश होने वाले केंद्रीय बजट पर टिकी हुई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना लगातार नौवां बजट पेश करने जा रही हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा। वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई की चिंताएं और कमजोर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों की धारणा को पहले से ही सतर्क बना रखा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट से पहले निवेशक बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं और मुनाफावसूली का दबाव बाजार पर हावी है। बैंकिंग, आईटी और मेटल जैसे प्रमुख सेक्टरों में बिकवाली देखी गई, जिससे सूचकांकों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। वहीं, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ओर से जारी बिकवाली ने भी बाजार की कमजोरी को बढ़ाया।
बजट 2026 से निवेशकों को टैक्स में राहत, कैपेक्स बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को प्रोत्साहन देने जैसे ऐलानों की उम्मीद है। हालांकि, जब तक बजट की तस्वीर साफ नहीं हो जाती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
इस लाइव ब्लॉग के जरिए बजट से जुड़ी हर बड़ी खबर, बाजार की चाल, विशेषज्ञों की राय और नीतिगत संकेतों पर पल-पल के अपडेट दिए जाएंगे, ताकि पाठक बजट 2026 से पहले और बाद की पूरी तस्वीर समझ सकें।
