रोहतास जिले में साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस ने बघेला गांव से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेंद्र कुमार और चंदन कुमार के रूप में हुई है। दोनों पर आरोप है कि इन्होंने साइबर ठगों को अपने बैंक खाते और एटीएम कार्ड किराये पर उपलब्ध कराए, जिनका इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी के पैसों के लेनदेन में किया जा रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि नरेंद्र कुमार के बैंक खाते से मात्र तीन महीने के भीतर 13 लाख रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि का लेनदेन हुआ था। यह रकम अलग-अलग राज्यों से आई थी, जिससे साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क की आशंका जताई जा रही है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें हर लेनदेन के बदले कमीशन दिया जाता था, जिसके लालच में उन्होंने अपने खाते ठगों को सौंप दिए।
साइबर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और अब उनके संपर्क में रहे अन्य लोगों तथा पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन खातों का इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधों में हुआ और कितने लोग इस गिरोह से जुड़े हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों को कड़ी चेतावनी दी है कि किसी भी परिस्थिति में अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक या ओटीपी किसी अन्य व्यक्ति को न दें। ऐसा करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और इसके लिए जेल व भारी जुर्माने का प्रावधान है। साइबर अपराधी आसान कमाई का लालच देकर लोगों को फंसाते हैं, लेकिन अंत में कानूनी कार्रवाई का सामना खाताधारक को ही करना पड़ता है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर कोई व्यक्ति बैंक अकाउंट किराये पर देने या संदिग्ध लेनदेन का प्रस्ताव देता है, तो तुरंत इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने को दें, ताकि समय रहते ऐसे अपराधों पर रोक लगाई जा सके।
