सीतामढ़ी के 2 शिक्षकों को शिक्षा में नवाचार के लिए डॉक्टरेट की मानद उपाधि!

सीतामढ़ी के दो शिक्षकों, प्रधानाध्यापक नारायण सहनी और सहायक शिक्षिका अंजू कुमारी, को फरीदाबाद स्थित मैजिक एंड आर्ट यूनिवर्सिटी ने शिक्षा के क्षेत्र में उनके नवाचार और उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें न केवल आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और शिक्षा में तकनीकी नवाचार के प्रयोग के लिए मिला, बल्कि उनके द्वारा पर्यावरण जागरूकता और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए भी दिया गया।

नारायण सहनी ने अपने विद्यालय में स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर कक्षाओं की शुरुआत कर बच्चों में सीखने की रुचि और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा दिया। वहीं, अंजू कुमारी ने शिक्षण में रचनात्मक और प्रयोगात्मक तरीकों को अपनाकर छात्रों की समग्र विकास प्रक्रिया में योगदान दिया। उनके प्रयासों से स्कूलों में सृजनात्मक शिक्षा और नवाचार का माहौल पैदा हुआ है।

विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने सम्मान समारोह में कहा कि दोनों शिक्षकों ने न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाया है, बल्कि स्थानीय समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी बखूबी निभाया है। इस प्रकार का सम्मान शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत के रूप में देखा जा रहा है और अन्य शिक्षकों को भी नवाचार और उत्कृष्टता की दिशा में प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।

कुल मिलाकर, नारायण सहनी और अंजू कुमारी का यह सम्मान सीतामढ़ी के शिक्षा जगत के लिए गर्व का विषय है, जो यह दर्शाता है कि स्थानीय शिक्षक भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सेवाओं और योगदान के लिए पहचान पा सकते हैं।

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