मुजफ्फरनगर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शुकतीर्थ में आयोजित सनातन धर्म संसद के दौरान हिंदू संगठनों और संत समाज ने बड़ा राजनीतिक और वैचारिक संदेश दिया। हिन्दू संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित इस धर्म संसद में बड़ी संख्या में संत, महंत और हिंदू संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देश का प्रधानमंत्री बनाए जाने और भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की खुलकर मांग की गई।
धर्म संसद में वक्ताओं ने सनातन धर्म की रक्षा, हिंदू संस्कृति के संरक्षण और हिंदुओं की कथित रूप से घटती जनसंख्या पर गहरी चिंता जताई। संतों ने कहा कि देश में सनातन मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए मजबूत और निर्णायक नेतृत्व की आवश्यकता है, जिसे वे योगी आदित्यनाथ में देखते हैं। वक्ताओं ने हिंदू समाज से जाति, क्षेत्र और भाषा के भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया।
इस अवसर पर धर्म संसद में कुल 12 प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें हिंदू राष्ट्र की घोषणा, समान नागरिक संहिता लागू करने, धर्मांतरण पर सख्त कानून, सनातन परंपराओं की सुरक्षा और योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाए जाने जैसी मांगें शामिल हैं। आयोजकों ने बताया कि इन सभी प्रस्तावों को औपचारिक रूप से प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान माहौल पूरी तरह धार्मिक और राष्ट्रवादी नारों से गूंजता रहा। संतों और वक्ताओं ने कहा कि यदि हिंदू समाज संगठित होता है, तो देश की राजनीति और दिशा दोनों बदली जा सकती हैं। इस सनातन धर्म संसद को आगामी समय में राजनीतिक और सामाजिक विमर्श को प्रभावित करने वाले आयोजन के रूप में देखा जा रहा है, जिस पर देशभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
