बिहार विधानसभा के बजट सत्र में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बड़ा ऐलान किया गया है। राज्य सरकार ने घोषणा की है कि अब विधायक, विधान पार्षद और सरकारी कर्मचारी कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इस योजना के तहत लगभग 10 लाख लोग सीधे स्वास्थ्य लाभ के दायरे में आएंगे। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को सुलभ, त्वरित और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
इसके अलावा, राज्य में डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार ने PPP (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में नए मेडिकल कॉलेज बनाने की योजना भी घोषित की। इस पहल का मकसद न केवल कुशल स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या बढ़ाना है, बल्कि स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और गुणवत्ता को भी बेहतर बनाना है।
सरकार ने इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया और कहा कि राज्य के लोगों को बेहतर और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना उसका मुख्य लक्ष्य है। इस निर्णय से बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार, रोजगार और शिक्षा के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
कुल मिलाकर, बजट सत्र में किए गए ये ऐलान राज्य के कर्मचारियों के लिए राहत के साथ-साथ स्वास्थ्य प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
