बरेली में क्रिसमस के मौके पर बजरंग दल ने सेंट अल्फोंसस कैथेड्रल चर्च के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान संगठन के सदस्यों ने चर्च के गेट पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और जोरदार नारेबाजी की। बजरंग दल का आरोप है कि क्रिसमस के कार्यक्रमों में हिंदू धर्म को बदनाम किया जाता है और बच्चों को आपत्तिजनक एक्ट करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के सदस्यों ने स्थानीय प्रशासन से इस मामले की जांच की मांग करते हुए सीओ सिटी को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रमों में बच्चों की सुरक्षा और धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। संगठन ने जोर देकर कहा कि भविष्य में ऐसे किसी भी कार्यक्रम के दौरान नियमों का उल्लंघन न हो और धार्मिक समुदायों के बीच आपसी सम्मान बना रहे।
स्थानीय लोग और चर्च प्रशासन इस घटना को लेकर चिंतित हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर निगरानी बनाए हुए हैं और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्क हैं।
इस घटना ने शहर में धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा और सामाजिक सामंजस्य के महत्व पर फिर से चर्चा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक प्रदर्शन और धार्मिक आस्थाओं के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है, ताकि समुदायों के बीच शांति और आपसी सम्मान बना रहे।
कुल मिलाकर, बरेली में क्रिसमस के दौरान यह प्रदर्शन बजरंग दल की धार्मिक चेतावनी और स्थानीय प्रशासन से कार्रवाई की मांग को उजागर करता है, जबकि समाज में सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की चुनौती भी सामने रखता है।
