उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के स्वास्थ्य तंत्र में नए साल से बड़े और ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिलेंगे। वर्ष 2026 तक बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 182 बेड की अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट (ICU) की सुविधा शुरू की जाएगी, जिससे गंभीर मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगा। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज में हार्ट की बाईपास सर्जरी की शुरुआत भी की जाएगी, जिससे हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को अब इलाज के लिए लखनऊ या अन्य बड़े शहरों में रेफर नहीं होना पड़ेगा।
इसके अलावा जिला अस्पताल में 128 स्लाइस की आधुनिक सीटी स्कैन मशीन स्थापित की जाएगी, जिससे जांच की प्रक्रिया और अधिक सटीक व तेज होगी। साथ ही यहां 6 बेड का ट्रॉमा सेंटर भी विकसित किया जाएगा, जो सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर आपात स्थितियों में मरीजों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाएगा। सरकार की योजना के तहत ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, ताकि ग्रामीण मरीजों को बेहतर इलाज उनके नजदीक ही मिल सके।
इन सभी योजनाओं के पूरा होने से पूर्वांचल के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार से न केवल मरीजों का समय और पैसा बचेगा, बल्कि बड़े अस्पतालों पर बढ़ता दबाव भी कम होगा। कुल मिलाकर, गोरखपुर का स्वास्थ्य ढांचा आने वाले समय में एक नई पहचान हासिल करेगा और क्षेत्र के लोगों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
