देहरादून में सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय माल्टा महोत्सव ‘घाम तापो–नींबू सानो’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री की पत्नी गीता धामी, माता बिशना देवी और डॉ. मंदिरा गुंज्याल ने किया। महोत्सव ने उत्तराखंड की पहाड़ी खुशबू, लोकसंस्कृति, पारंपरिक गीत-संगीत और स्थानीय व्यंजनों को मंच प्रदान किया।
इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य काश्तकारों और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक संबल प्रदान करना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। यहां उत्तराखंड के पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प को लोगों के सामने पेश किया गया, ताकि स्थानीय प्रतिभा और संस्कृति को पहचान मिल सके। इसके अलावा, महोत्सव ने पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को पहाड़ की संस्कृति, व्यंजन और कला के करीब आने का मौका दिया।
विशेषज्ञों और आयोजकों के अनुसार, ऐसे कार्यक्रम न केवल आर्थिक सशक्तिकरण में मदद करते हैं, बल्कि ग्रामीण समाज और युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का भी माध्यम बनते हैं। माल्टा महोत्सव ने इस बार भी पहाड़ की खुशबू और संस्कृति का जादू बिखेरते हुए लोगों के बीच उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल पैदा किया।
