झारखंड में नई आबकारी नीति के तहत राज्य की 1343 शराब दुकानों में से 1302 दुकानों के लिए लाइसेंस शुल्क जमा कर दिया गया है, जबकि 41 दुकानों को सरेंडर किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिन दुकानों के लाइसेंसधारकों ने नवीनीकरण नहीं कराया है, उन्हें अब दोबारा लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित किया जाएगा। यदि इन दुकानों के लिए इच्छुक आवेदक नहीं मिलते हैं, तो उनका संचालन राज्य निगम द्वारा किया जा सकता है।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन दुकानदारों ने लाइसेंस शुल्क जमा किया है, उन्हें 7 मार्च तक मार्जिन मनी भी जमा करनी होगी। निर्धारित समयसीमा तक राशि जमा नहीं करने पर उनका लाइसेंस शुल्क जब्त कर लिया जाएगा और दुकान रद्द मानी जाएगी।
होली और गर्मी के मौसम में शराब की बिक्री बढ़ने की उम्मीद को देखते हुए अधिकांश दुकानदारों ने लाइसेंस का नवीनीकरण कराया है। हालांकि, जिन क्षेत्रों में बिक्री कम रही या घाटा हुआ, वहां से दुकानों के सरेंडर की संख्या बढ़ सकती है। विभाग का मानना है कि आगामी महीनों में मांग बढ़ने से राजस्व में भी इजाफा होगा, लेकिन कमजोर बिक्री वाले इलाकों में स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है।
