जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू शहर में आवासीय कॉलोनियों को नियमित करने के कार्य में प्रगति की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जम्मू डेवलपमेंट अथॉरिटी (JDA) ने पहले ही 31 कॉलोनियों को नियमित कर दिया था, लेकिन बाद में हाईकोर्ट ने इस प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगा दी थी। अब यह रोक हटने के बाद कॉलोनियों को नियमित करने का काम फिर से शुरू हो गया है।
सीएम उमर ने कहा कि सरकार का उद्देश्य न केवल मौजूदा कॉलोनियों को नियमित करना है, बल्कि नई कॉलोनियों के विकास को भी नियमों और कानून के अनुसार सुनिश्चित करना है। इसके लिए सेल्फ-फाइनेंसिंग और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह कदम जम्मू शहर के नियोजित और व्यवस्थित विकास को सुनिश्चित करने के लिए उठाया है। इस प्रक्रिया के तहत कॉलोनियों को आधिकारिक मान्यता मिलने से न केवल निवासियों को कानूनी सुरक्षा मिलेगी, बल्कि बुनियादी सुविधाओं और नागरिक सेवाओं में सुधार भी होगा। अधिकारियों ने बताया कि नियमितीकरण के बाद नई कॉलोनियों में सड़क, पानी, बिजली और सीवेज जैसी बुनियादी संरचनाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस पहल को नागरिकों और स्थानीय निवासियों ने स्वागत किया है, क्योंकि लंबे समय से अनियमित कॉलोनियों में रह रहे लोग अब अपने घरों और संपत्तियों की कानूनी सुरक्षा को लेकर आश्वस्त हो सकेंगे। सरकार का यह प्रयास जम्मू शहर के नियोजित और स्थायी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
