चंडीगढ़ मेयर चुनाव को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए भाजपा और कांग्रेस पर आपसी मिलीभगत का आरोप लगाया है। AAP नेताओं का कहना है कि चंडीगढ़ में जो कुछ हुआ, वह लोकतंत्र के खिलाफ एक सुनियोजित “साजिश” है, जिसमें कांग्रेस ने भाजपा का साथ देकर मेयर बनवाने में मदद की।
AAP नेता जरनैल सिंह और सनी सिंह अहलूवालिया ने प्रेस बयान में कहा कि भाजपा को कांग्रेस का खुला समर्थन मिला, इसी के चलते मेयर पद पर भाजपा का उम्मीदवार जीतने में सफल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला हॉर्स-ट्रेडिंग और धांधली का उदाहरण है और इससे जनता के जनादेश का अपमान हुआ है।
AAP ने कांग्रेस को सीधे तौर पर भाजपा की “बी-टीम” करार दिया। पार्टी नेताओं ने कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के एक पुराने ट्वीट का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने खुद भाजपा और कांग्रेस के संबंधों पर सवाल उठाए थे। AAP का कहना है कि कांग्रेस के बयानों और उसके मौजूदा रुख से साफ है कि वह पर्दे के पीछे भाजपा के साथ खड़ी है।
पार्टी ने दावा किया कि चंडीगढ़ की जनता बदलाव चाहती थी, लेकिन राजनीतिक सौदेबाजी के जरिए जनमत को कमजोर किया गया। AAP नेताओं ने कहा कि जब भी आम आदमी पार्टी को जनसमर्थन मिलता है, तब पुरानी पार्टियां मिलकर उसे रोकने की कोशिश करती हैं।
AAP ने चंडीगढ़ की जनता से अपील की कि भविष्य में स्पष्ट और मजबूत जनादेश देकर इस तरह की हॉर्स-ट्रेडिंग और कथित साजिशों को हमेशा के लिए खत्म करें। पार्टी का कहना है कि वह इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
