Jharkhand में छात्रों ने सरकार के 98% मांगें मानने के दावे को नकारा, 13 में सिर्फ 3 Exams रद्द होने का दावा
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने Hemant Soren-led सरकार के उस दावे को खारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि उनकी 98 प्रतिशत मांगें स्वीकार कर ली गई हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि उन्होंने 13 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की थी, लेकिन अब तक इनमें से केवल 3 परीक्षाएं रद्द की गई हैं।https://youtube.com/@satyabharattimes?si=ZCQ67OyHTlanjVWz
सरकार पर लगाया “झूठ फैलाने” का आरोप
छात्रों ने JMM-led सरकार पर उनकी मांगों को लेकर “झूठ फैलाने” का आरोप लगाया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर समाधान नहीं होता, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।
सोमवार को Vidhan Sabha March
प्रदर्शनकारी छात्रों ने सोमवार को ‘Vidhan Sabha March’ का आह्वान किया है। उन्होंने राज्य के छात्रों, राजनीतिक दलों और आम लोगों से भी इस मार्च में शामिल होने की अपील की है।https://youtube.com/@satyabharattimes?si=ZCQ67OyHTlanjVWz
छात्रों का कहना है कि
उनका उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों और कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
वहीं, सरकार की ओर से 98 प्रतिशत मांगें स्वीकार किए जाने का दावा किया गया है। ऐसे में छात्रों और सरकार के दावों के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई दे रहा है।https://youtube.com/@satyabharattimes?si=ZCQ67OyHTlanjVWz
इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि आधिकारिक दस्तावेजों, सरकारी बयानों और परीक्षा संबंधी रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना जरूरी है।
Satya Bharat Times इस छात्र आंदोलन और सोमवार को प्रस्तावित Vidhan Sabha March से जुड़े आगे के घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।https://youtube.com/@satyabharattimes?si=ZCQ67OyHTlanjVWz
आपके अनुसार भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए सरकार और छात्रों के बीच किस तरह की बातचीत होनी चाहिए? कमेंट में अपनी राय बताएं।










