भारत सरकार ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) के ग्रोक एआई से उत्पन्न हो रही अश्लील और भ्रामक सामग्री को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक्स से तत्काल एक्शन प्लान और अब तक की गई कार्रवाइयों का विस्तृत विवरण मांगा है। खास तौर पर उन यूज़र्स पर की गई कार्रवाई की जानकारी देने को कहा गया है, जो ग्रोक एआई का दुरुपयोग कर यौन, आपत्तिजनक या गलत सूचना फैलाने वाली सामग्री तैयार कर रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने एक्स को स्पष्ट किया है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी है कि वे एआई टूल्स के गलत इस्तेमाल को रोकें और आईटी नियमों का सख्ती से पालन करें। सरकार यह भी जानना चाहती है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एक्स ने क्या तकनीकी और नीतिगत कदम उठाए हैं, जैसे कंटेंट मॉडरेशन सिस्टम, एआई सेफगार्ड्स और यूज़र अकाउंट्स पर निगरानी की प्रक्रिया।
सरकार की चिंता इस बात को लेकर है कि ग्रोक एआई से बनी अश्लील सामग्री न सिर्फ सामाजिक और नैतिक मूल्यों को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि इससे गलत सूचना, डीपफेक और साइबर अपराध को भी बढ़ावा मिल सकता है। खासकर युवाओं और नाबालिगों पर इसके दुष्प्रभाव को देखते हुए सरकार इस मामले में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के संकेत दे रही है।
एक्स को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह आईटी एक्ट और डिजिटल इंडिया के नियमों के तहत प्लेटफॉर्म पर साझा की जा रही एआई जनरेटेड सामग्री की निगरानी को और मजबूत करे। यदि नियमों का पालन नहीं किया गया, तो कानूनी कार्रवाई समेत सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
कुल मिलाकर, ग्रोक एआई से जुड़े इस विवाद ने एक बार फिर एआई टेक्नोलॉजी की जवाबदेही और नियंत्रण पर बहस तेज कर दी है। आने वाले दिनों में एक्स की ओर से सरकार को सौंपे जाने वाले एक्शन प्लान के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
