अमेरिका में करीब 10 साल तक रहने के बाद भारत लौटे एक एनआरआई (अनिवासी भारतीय) ने भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली और डॉक्टरों की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी आपबीती साझा करते हुए दावा किया कि भारत में उन्हें जिस तरह का इलाज और देखभाल मिली, वह अमेरिका में संभव नहीं हो पाई। एनआरआई का कहना है कि “भारत ने मुझे ठीक कर दिया”, जबकि अमेरिका में इलाज के नाम पर केवल पैसों पर ध्यान दिया गया।
एनआरआई ने अपनी पोस्ट में बताया कि अमेरिका में स्वास्थ्य सेवाएं अत्यधिक महंगी हैं और वहां मरीजों को इंसान नहीं बल्कि “कमाई की मशीन” की तरह देखा जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इलाज से पहले बीमा, भुगतान और कागजी औपचारिकताओं पर ज्यादा जोर दिया जाता है, जबकि मरीज की वास्तविक समस्या को समझने और समय पर इलाज करने में देरी होती है।
इसके विपरीत, भारत में डॉक्टरों का रवैया मानवीय और संवेदनशील बताया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय डॉक्टर न केवल बीमारी की जड़ तक पहुंचने की कोशिश करते हैं, बल्कि मरीज से संवाद कर उसकी पूरी स्थिति को समझते हैं। समय पर जांच, सही सलाह और किफायती इलाज की वजह से उनकी सेहत में तेजी से सुधार हुआ।
एनआरआई की इस पोस्ट के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कई यूजर्स ने भारतीय डॉक्टरों और स्वास्थ्य प्रणाली की तारीफ करते हुए उनके अनुभव से सहमति जताई, जबकि कुछ लोगों ने अमेरिका के महंगे और जटिल हेल्थ सिस्टम पर सवाल उठाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था में अब भी कई चुनौतियां हैं, लेकिन कम लागत में बेहतर इलाज, अनुभवी डॉक्टर और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण इसकी बड़ी ताकत हैं। यही वजह है कि मेडिकल टूरिज्म के लिए भी भारत दुनियाभर में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
इस एनआरआई के अनुभव ने एक बार फिर भारत और अमेरिका की स्वास्थ्य प्रणालियों की तुलना को चर्चा में ला दिया है। साथ ही, भारतीय डॉक्टरों की मेहनत और समर्पण को लेकर गर्व की भावना भी लोगों के बीच देखने को मिल रही है।
