कश्मीर घाटी में कड़ाके की ठंड के सबसे कठोर दौर चिलेकलां का आखिरी दिन समाप्त हो गया है, लेकिन जाते-जाते इसने घाटी को बर्फ की मोटी चादर ओढ़ा दी। श्रीनगर समेत कई इलाकों में 4 से 5 इंच तक ताजा बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे पूरी घाटी एक बार फिर शीत लहर की चपेट में आ गई। चिलेकलां के बाद शुरू होने वाला चिलेखुर्द अब अपना असर दिखाने लगा है, जिसमें ठंड का प्रकोप कुछ कम जरूर होता है, लेकिन बर्फबारी और बारिश का सिलसिला जारी रहता है।
इस ताजा बर्फबारी से किसानों और फल उत्पादकों के चेहरे खिल उठे हैं, क्योंकि लंबे समय से बारिश और बर्फ की कमी के कारण घाटी में सूखे जैसी स्थिति बन गई थी और नदियों व झीलों का जलस्तर लगातार गिर रहा था। बर्फबारी से जल स्रोतों को संजीवनी मिलने की उम्मीद है। वहीं, पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी यह राहत की खबर है, क्योंकि बर्फ से ढकी वादियां पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।
मौसम विभाग ने बताया है कि 1 और 2 फरवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके चलते घाटी में फिर से ताजा बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। कुल मिलाकर, चिलेकलां के बाद भी कश्मीर में सर्दी का असर बरकरार है और आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ सकता है।
