Noida Metro Record: Aqua Line पर एक दिन में 1.05 लाख से ज्यादा यात्रियों ने किया सफर, पीक आवर्स में बढ़ेंगी ट्रेनें
नोएडा: नोएडा मेट्रो की Aqua Line ने यात्रियों की संख्या के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। 23 अक्टूबर 2026 को इस लाइन पर कुल 1,05,358 यात्रियों ने सफर किया, जो अब तक का सबसे अधिक एक दिन का फुटफॉल बताया जा रहा है। यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच मेट्रो सेवाओं को और सुविधाजनक बनाने के लिए पीक आवर्स में ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने की भी योजना है।
Aqua Line पर यात्रियों की रिकॉर्ड संख्या
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) की Aqua Line नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन साधन है। 23 अक्टूबर को दर्ज 1,05,358 यात्रियों की संख्या ने इस लाइन के पुराने सिंगल-डे रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
यात्रियों की संख्या में इस बढ़ोतरी को बेहतर कनेक्टिविटी और टिकटिंग सुविधाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, रिकॉर्ड फुटफॉल के पीछे अलग-अलग कारणों का सटीक योगदान निर्धारित करने के लिए आधिकारिक आंकड़ों की जरूरत होगी।
सेक्टर 51 और सेक्टर 52 के बीच स्काईवॉक से कनेक्टिविटी बेहतर
नोएडा मेट्रो के सेक्टर 51 स्टेशन और दिल्ली मेट्रो के सेक्टर 52 स्टेशन को जोड़ने वाला स्काईवॉक यात्रियों के लिए उपयोगी कनेक्टिविटी सुविधा है। इसके जरिए दोनों मेट्रो नेटवर्क के बीच आवाजाही अधिक सुविधाजनक होती है।
इसके अलावा, QR कोड आधारित टिकटिंग और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) जैसी सुविधाएं भी यात्रियों को टिकट खरीदने और यात्रा करने में सहूलियत देती हैं।
1 नवंबर से पीक आवर्स में कम हो सकता है ट्रेनों का इंतजार
यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए 1 नवंबर 2026 से पीक आवर्स में ट्रेनों के बीच का अंतराल कम करने की योजना बताई गई है।
प्रस्तावित बदलाव के अनुसार:
- मौजूदा अंतराल: 7 मिनट 30 सेकंड
- प्रस्तावित अंतराल: 6 मिनट 35 सेकंड
- यात्रियों को संभावित लाभ: व्यस्त समय में ट्रेनों के लिए कम इंतजार
इस बदलाव के लागू होने पर पीक आवर्स में ट्रेनें पहले की तुलना में अधिक बार उपलब्ध हो सकती हैं। इससे कार्यालय जाने वाले यात्रियों, छात्रों और रोजाना मेट्रो से सफर करने वाले लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
क्या बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी से नोएडा में ट्रैफिक कम होगा?
नोएडा की सड़कों पर ट्रैफिक कम करने में मेट्रो की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। यदि यात्रियों को समय पर ट्रेनें, आसान इंटरचेंज, सुविधाजनक टिकटिंग और अंतिम गंतव्य तक पहुंचने के बेहतर विकल्प मिलते हैं, तो निजी कारों और दोपहिया वाहनों पर निर्भरता घट सकती है।
हालांकि, सड़क यातायात पर वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने लोग निजी वाहनों से मेट्रो की ओर रुख करते हैं। मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने के लिए बस, ई-रिक्शा, पैदल मार्ग और अन्य सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता भी अहम होगी।
निष्कर्ष
नोएडा मेट्रो Aqua Line पर 1,05,358 यात्रियों का एक दिन का रिकॉर्ड शहरी सार्वजनिक परिवहन की बढ़ती मांग को दर्शाता है। पीक आवर्स में ट्रेनों का अंतराल कम करने की प्रस्तावित योजना से यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिल सकती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बेहतर मेट्रो सेवाओं का नोएडा के सड़क यातायात और यात्रियों के दैनिक सफर पर कितना प्रभाव पड़ता है।










