ग्रेटर नोएडा में बनेगा 267 एकड़ का मेगा रेलवे स्टेशन, नमो भारत, मेट्रो और ISBT से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
ग्रेटर नोएडा | Satya Bharat Times
गौतम बुद्ध नगर के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। ग्रेटर नोएडा के बोड़ाकी क्षेत्र में एक आधुनिक मल्टी-मॉडल रेलवे टर्मिनल विकसित किया जा रहा है, जो भविष्य में दिल्ली-एनसीआर के सबसे बड़े परिवहन केंद्रों में शामिल हो सकता है। इस परियोजना के तहत रेलवे स्टेशन के साथ नमो भारत रैपिड रेल, मेट्रो और अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) को एक ही परिसर में जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को सहज और तेज़ कनेक्टिविटी मिलेगी।
करीब 267 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित यह प्रोजेक्ट ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी क्षेत्र के बोड़ाकी गांव में विकसित हो रहा है। यह स्थान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और दिल्ली–हावड़ा मुख्य रेल मार्ग से जुड़ा हुआ है। परियोजना का उद्देश्य नोएडा और गौतम बुद्ध नगर के लोगों को ऐसा रेलवे टर्मिनल उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें लंबी दूरी की यात्रा के लिए नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, आनंद विहार या गाजियाबाद जाने की आवश्यकता कम पड़े।
क्या होगा इस मेगा टर्मिनल में?
प्रस्तावित रेलवे टर्मिनल को आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया जाएगा। योजना के अनुसार स्टेशन में लगभग 12 प्लेटफॉर्म, विस्तृत रेलवे यार्ड, लूप लाइनें और ट्रेनों के संचालन एवं रखरखाव की अत्याधुनिक व्यवस्था होगी। इसके अलावा स्टेशन परिसर में होटल, फूड कोर्ट, रिटेल आउटलेट और अन्य व्यावसायिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी, जिससे यह केवल रेलवे स्टेशन नहीं बल्कि एक पूर्ण ट्रांसपोर्ट एवं कमर्शियल हब बन सके।
नमो भारत, मेट्रो और बसों की एकीकृत सुविधा
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी है। यात्री एक ही परिसर से रेलवे, नमो भारत रैपिड रेल, मेट्रो और विभिन्न राज्यों के लिए चलने वाली बस सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे दिल्ली-एनसीआर के भीतर और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों की यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
पूर्वांचल और बिहार की यात्रा होगी आसान
बोड़ाकी टर्मिनल के विकसित होने के बाद कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या और गोरखपुर जैसे शहरों के लिए रेल संपर्क मजबूत होगा। वहीं बिहार के पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और भागलपुर सहित झारखंड एवं पश्चिम बंगाल के कई प्रमुख शहरों तक लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन को भी बढ़ावा मिल सकता है। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लाखों प्रवासी यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
कब तक पूरा हो सकता है निर्माण?
परियोजना को विशेष रेलवे प्रोजेक्ट के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। उपलब्ध योजनाओं के अनुसार निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और इसे अगले कुछ वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण पूर्ण होने के बाद यह टर्मिनल दिल्ली-एनसीआर के परिवहन ढांचे को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
नोट: यह खबर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध परियोजना संबंधी जानकारी पर आधारित है। परियोजना की समयसीमा और अंतिम स्वरूप में संबंधित एजेंसियों द्वारा समय-समय पर बदलाव संभव है.
Satya Bharat Times लगातार ग्रेटर नोएडा और नोएडा क्षेत्र की विकास परियोजनाओं से जुड़ी हर महत्वपूर्ण अपडेट आप तक पहुंचाता रहेगा.










