दिल्ली से गुवाहाटी का सफर 8 घंटे से कम में! नॉर्थ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी, यूपी-बिहार समेत इन शहरों को मिलेगा फायदा
नई दिल्ली: भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को नॉर्थ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का हिस्सा बताते हुए इसकी मंजूरी की जानकारी दी है। इस प्रस्तावित कॉरिडोर के जरिए दिल्ली को उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख शहरों से जोड़ने की योजना है।
रेल मंत्री ने शनिवार को वाराणसी-नई दिल्ली रूट पर भारत की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के शुभारंभ के दौरान इस परियोजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्थ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इस कॉरिडोर के माध्यम से दिल्ली से गुवाहाटी तक हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी।
दिल्ली से गुवाहाटी तक जुड़ेंगे कई बड़े शहर
प्रस्तावित नॉर्थ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में कई प्रमुख शहरों को शामिल करने की योजना है। रेल मंत्री के अनुसार, इस रूट पर आगरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी जैसे शहरों को जोड़ा जाएगा। कॉरिडोर का विस्तार गुवाहाटी तक किया जाएगा।
इस परियोजना से उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर भारत के बीच रेल कनेक्टिविटी को नई गति मिलने की उम्मीद है। इससे यात्रियों के साथ-साथ व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी फायदा हो सकता है।
दिल्ली से कानपुर और लखनऊ का सफर होगा बेहद तेज
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के कुछ प्रमुख रूटों पर संभावित यात्रा समय की जानकारी भी दी।
उनके बताए अनुमानित यात्रा समय के अनुसार:
- दिल्ली से आगरा: लगभग 59 मिनट
- दिल्ली से कानपुर: लगभग 1 घंटा 45 मिनट
- दिल्ली से लखनऊ: लगभग 2 घंटे 12 मिनट
- वाराणसी से लखनऊ: लगभग 1 घंटा 21 मिनट
- वाराणसी से पटना: लगभग 1 घंटा
- वाराणसी से दिल्ली: लगभग 3 घंटे 33 मिनट
इन संभावित यात्रा समय से पता चलता है कि परियोजना पूरी होने के बाद उत्तर भारत के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा काफी तेज हो सकती है। हालांकि, ये प्रस्तावित समय हैं और अंतिम परिचालन योजना के अनुसार इनमें बदलाव संभव है।
दिल्ली से गुवाहाटी का सफर 8 घंटे से भी कम?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी दिल्ली-गुवाहाटी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के विस्तार का स्वागत किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद गुवाहाटी से दिल्ली के बीच यात्रा का समय आठ घंटे से कम हो सकता है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह कॉरिडोर पहले सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित था। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस परियोजना को गुवाहाटी तक बढ़ाने के लिए रेल मंत्री को लिखित अनुरोध दिया था और जुलाई में उनसे मुलाकात भी की थी। इसके बाद पूर्वोत्तर तक कॉरिडोर के विस्तार पर विचार किया गया।
गरीब और मध्यम वर्ग के लिए भी होगी बुलेट ट्रेन?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुलेट ट्रेन के किराये को लेकर भी अहम बात कही। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन केवल अमीर लोगों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग के लोग भी इसमें यात्रा कर सकेंगे।
उनके अनुसार, बुलेट ट्रेन का किराया हवाई यात्रा के किराये से कम रखने का लक्ष्य है। इससे अधिक से अधिक लोगों को हाई-स्पीड रेल सेवा का लाभ मिल सकता है।
मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा
रेल मंत्री ने कहा कि देश में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार के साथ मेक इन इंडिया की भावना को प्राथमिकता दी जा रही है। परियोजना में स्वदेशी तकनीक और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।
उन्होंने उत्तर प्रदेश में रेलवे बजट आवंटन बढ़ने और रेल बुनियादी ढांचे के विस्तार का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, यह परियोजना आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ी सौगात साबित हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
दिल्ली और गुवाहाटी के बीच हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी विकसित होने से पूर्वोत्तर भारत की राष्ट्रीय राजधानी से कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है। इससे व्यापार, निवेश, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
असम के मुख्यमंत्री ने भी कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से राज्य में हाई-टेक उद्योगों को आकर्षित करने और लोगों की आजीविका के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
निष्कर्ष: नॉर्थ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना हो सकता है। दिल्ली से गुवाहाटी तक प्रस्तावित कनेक्टिविटी से उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के यात्रियों को भविष्य में तेज और सुविधाजनक सफर का विकल्प मिल सकता है। अब इस परियोजना के विस्तृत रूट, निर्माण समयसीमा और किराये से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।









