भारतीय नौसेना को मिलेंगे 8 नए स्टील्थ युद्धपोत, ₹40,000 करोड़ की परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

भारतीय नौसेना को मिलेंगे 8 नए स्टील्थ युद्धपोत, ₹40,000 करोड़ की परियोजना को केंद्र सरकार की मंजूरी

नई दिल्ली: भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत को और मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) ने भारतीय नौसेना के लिए आठ नई पीढ़ी के स्टील्थ कॉर्वेट्स (Next-Generation Stealth Corvettes) के निर्माण से जुड़ी करीब 40,000 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे दी है।

इस परियोजना के तहत आधुनिक तकनीक से लैस आठ युद्धपोतों का निर्माण किया जाएगा। इन जहाजों से भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा और सामरिक क्षमताओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

₹40,000 करोड़ की परियोजना से बढ़ेगी नौसेना की ताकत

भारतीय नौसेना के लिए स्वीकृत यह परियोजना देश की समुद्री रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नई पीढ़ी के स्टील्थ कॉर्वेट्स आधुनिक युद्धक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएंगे।

स्टील्थ तकनीक का उद्देश्य जहाज की पहचान और रडार पर उसकी दृश्यता को कम करना होता है। इससे समुद्री अभियानों के दौरान नौसेना को रणनीतिक बढ़त मिल सकती है।

स्वदेशी रक्षा निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

इस युद्धपोत निर्माण कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य देश में रक्षा उत्पादन को प्रोत्साहित करना भी है। स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा मिलने से भारतीय रक्षा उद्योग, शिपयार्ड और उनसे जुड़े घरेलू उद्योगों को अवसर मिल सकते हैं।

सरकार की आत्मनिर्भर भारत और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशीकरण की नीति के लिहाज से भी इस परियोजना को अहम माना जा रहा है।

समुद्री सुरक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं ये युद्धपोत?

भारत की भौगोलिक स्थिति और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को देखते हुए मजबूत नौसैनिक क्षमता बेहद महत्वपूर्ण है। हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों और सुरक्षा चुनौतियों के बीच आधुनिक युद्धपोत भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता को बेहतर बनाने में योगदान दे सकते हैं।

आठ नए स्टील्थ कॉर्वेट्स के निर्माण से नौसेना के बेड़े में आधुनिक प्लेटफॉर्म जुड़ेंगे और देश की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

रक्षा क्षेत्र में भारत का एक और बड़ा कदम

करीब ₹40,000 करोड़ की यह परियोजना भारतीय रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी क्षमता विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि जहाजों के निर्माण, डिलीवरी और तैनाती की विस्तृत समयसीमा तथा अन्य तकनीकी विवरणों के लिए आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।

Satya Bharat
Author: Satya Bharat

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Comment

और पढ़ें

traffic tail