भारत की कूटनीति का नया अध्याय! दिल्ली में होगा पहला SCO Civilizational Dialogue Forum, पाकिस्तान को भी न्योता

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SCO Civilizational Dialogue Forum 2026: नई दिल्ली में जुटेंगे SCO के सदस्य देश, पाकिस्तान समेत 10 देशों को न्योता

नई दिल्ली: भारत अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रहा है। शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के पहले Civilisational Dialogue Forum का आयोजन 20 से 22 नवंबर 2026 तक नई दिल्ली में किया जाएगा। इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत ने पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान, बेलारूस और मध्य एशिया के अन्य सदस्य देशों सहित सभी 10 SCO सदस्य देशों को आमंत्रित किया है।

क्या है SCO Civilizational Dialogue Forum?

SCO Civilizational Dialogue Forum का मुख्य उद्देश्य सदस्य देशों के बीच ऐतिहासिक संबंधों, साझा सांस्कृतिक विरासत, कला, साहित्य, परंपराओं और सभ्यतागत जुड़ाव को बढ़ावा देना है। इस मंच के माध्यम से विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को सांस्कृतिक सहयोग और आपसी समझ को मजबूत करने का अवसर मिलेगा।

इस पहल को बहुपक्षीय सहयोग के एक नए आयाम के रूप में देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल सरकारी स्तर पर संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न देशों के लोगों के बीच सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को भी प्रोत्साहित करना है।

पाकिस्तान समेत सभी 10 सदस्य देशों को आमंत्रण

भारत ने इस सम्मेलन के लिए SCO के सभी 10 सदस्य देशों को निमंत्रण भेजा है। इनमें भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और बेलारूस शामिल हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत एवं संस्कृति मंत्री औरंगजेब खान खिची को भी आमंत्रित किया गया है। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से सम्मेलन में भागीदारी की अंतिम पुष्टि होना बाकी है।

भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद, SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर सभी सदस्य देशों को आमंत्रित करना क्षेत्रीय संवाद और सांस्कृतिक सहयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस निमंत्रण को दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में बदलाव का निश्चित संकेत नहीं माना जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने रखा था प्रस्ताव

इस सभ्यतागत संवाद मंच का प्रस्ताव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2025 में चीन के तियानजिन में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन के दौरान रखा था। इसके बाद इस पहल को संगठन के स्तर पर आगे बढ़ाया गया।

20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान के दुशांबे में SCO की शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत द्वारा इस मंच की मेजबानी किए जाने की घोषणा की।

सम्मेलन का आयोजन संस्कृति मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के सहयोग से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों की ऐतिहासिक विरासत को सामने लाना और सांस्कृतिक कूटनीति के माध्यम से आपसी सहयोग को मजबूत करना है।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मेलन?

भारत की मेजबानी में होने वाला यह मंच सांस्कृतिक कूटनीति को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा। SCO के सदस्य देशों के बीच इतिहास, परंपराओं और सांस्कृतिक संपर्कों पर चर्चा से आपसी समझ को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा, यह सम्मेलन भारत को अपनी समृद्ध सभ्यतागत विरासत और क्षेत्रीय सांस्कृतिक संबंधों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर देगा।

भारत-पाकिस्तान के मौजूदा तनावपूर्ण संबंधों के बीच पाकिस्तान को दिया गया निमंत्रण भी चर्चा का विषय है। हालांकि, इस पहल का प्रमुख उद्देश्य SCO के सभी सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना है।

निष्कर्ष

नई दिल्ली में आयोजित होने वाला SCO Civilizational Dialogue Forum 2026 भारत की बहुपक्षीय कूटनीति और सांस्कृतिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण आयोजन होगा। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि कौन-कौन से देश इसमें भाग लेते हैं और सम्मेलन के दौरान सांस्कृतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए क्या पहल सामने आती हैं।

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Author: Satya Bharat

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